चांदी के वर्क में क्रांति: DS GROUP ने भारत में सबसे पहले स्वचालित मशीनों द्वारा निर्मित “कैच” (Catch) ब्रैंड के चांदी के वर्क का निर्माण किया था

लोकप्रिय कहावत “हर चमकने वाली चीज़ सोना नहीं होती” का अर्थ शाब्दिक और व्यावहारिक दोनों रूप में समझा जा सकता है। लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि हमारी पसंदीदा मिठाइयों पर चमकदार परत क्या होती है, जो उन्हें कांच की शोकेस में रखने पर इतना आकर्षक बना देती है! चांदी के वर्क (जैसा कि हम इसे जानते हैं) का उपयोग भारत में सदियों से विभिन्न प्रकार की मिठाइयों के रूप और आकर्षण को बढ़ाने के लिए किया जाता रहा है। यह सदियों से आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति का भी हिस्सा रहा है और इसे विभिन्न प्रकार के व्यंजनों एवं  मिष्ठान आदि की सजावट में अपनाया जाता रहा है। हालांकि यह स्वादहीन होता है, लेकिन उपभोक्ता  इसके भव्य रूप के कारण अपनी पसंदीदा रेसिपीज़ और मिठाइयों में इसके इस्तेमाल के लिए आकर्षित होते हैं। हालाँकि, खाने के लिए उपयुक्त चांदी के वर्क की गुणवत्ता और प्रकार को लेकर अस्पष्टता अभी…

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रमज़ान महीने की मीठी ईदी और रूहानी रौशनी से भरी पारंपरिक मिठाईयों का दस्तावेज़

माहे रमज़ान का नाम सुनते ही मेरे जैसे पक्के मुंबईकर, जिसका बचपन ही साउथ मुंबई के भुलेश्वर जैसे व्यापारी गलियों में गुजरा है, जहां गंगा जमनी तहज़ीब…

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चकना सिंह के चीज़ ब्लास्ट के साथ फ़िट रहो, फ़ूडी रहो

(Product of the Month ) आप फ़िटनेस फ़्रिक हो, पर उसी के साथ आप फ़ूडी भी हो? आपको यम्मी भी खाना है पर टम्मी (तोंद)…

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होली की गुजिया से लेकर ठंडाई तकहर त्यौहार में मिठाई व नमकीन के साथभारतीय खरीदारों की भावनात्मक संबंध की खोज

वृंदावन की होली लठमार, मथुरा की होली फुलमार, रंगों की आई फुहार, खाकर गुजिया और पीकर ठंडाई, मुबारक हो आपको होली का त्यौहार। गुलाल, गुजिया और…

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